अब्ब मेरी रूह्ह भी मुझसे अलग हो चली है, मेरी आत्मा मुझसे हार चुकी है .
मुझमे और आप्पमें फरक यह है की मैय्ने आपको आपनी रूह मे जगह दी और आपने उस्सी रूह को मेरे तन से अलग कर दिया .
प्यार एक स्वाभाविक मौत मर जाता है, कभी नहीं. यह मर जाता है क्योंकि हम नहीं जानते कि कैसे अपने स्रोत की भरपाई करने के लिए. यह अंधापन और त्रुटियों और गद्दारों के मर जाता है.यह बीमारी और घाव के मर जाता है, यह थकावट से मर जाता है..
जीवन तुम्हे तोड़ देता है , एकांत भी तुम्हें अपनी तड़प के साथ तोड़ देगा
मुझमे और आप्पमें फरक यह है की मैय्ने आपको आपनी रूह मे जगह दी और आपने उस्सी रूह को मेरे तन से अलग कर दिया .
प्यार एक स्वाभाविक मौत मर जाता है, कभी नहीं. यह मर जाता है क्योंकि हम नहीं जानते कि कैसे अपने स्रोत की भरपाई करने के लिए. यह अंधापन और त्रुटियों और गद्दारों के मर जाता है.यह बीमारी और घाव के मर जाता है, यह थकावट से मर जाता है..
जीवन तुम्हे तोड़ देता है , एकांत भी तुम्हें अपनी तड़प के साथ तोड़ देगा
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