Friday, 9 March 2012

Neeyati

This is my first hindi post, maybe it sucks...sorry  !
जीवन इतना भी लम्बा नहीं की उसका इंतज़ार हर पाल किया जाये. वक़्त का क्या भरोसा, पानी बाण के बह जाए .
ज़िन्दगी के छोटे छोटे पल उससे पूरा करते है, उनसे वोह ज़िन्दगी कहलाती है. आज तुमसे हाज़ारों मील दूर हु और ऐसा लग रहा है की हमारे बीच के फासले और भी घेरे हो रहे है . हो सकता है मई गलत हु, तुम्हारा डर हमें अलग कर रहा है मगर आज काल ऐसे लगने लगा हाइ जैसे मेरे अंदर से कुछ जा रहा है . मेरी ज़िन्दगी सिर्फ एक इंतज़ार बन गयी है , एक ऐसा इंतज़ार जो कभी ख़तम न होगा .  मेरे सब्र का बाण टूट  रहा है , मई टूट रही हु . पता नहीं कितने जन्मो की तृष्णा जनम लेह रही है मेरे अन्दर, कही मुझे  ख़तम न कार दे . जो हुआ, वोह गलत था. मुझे तुम से कोई उम्मीद नहीं रखनी चैये , मगर मई प्यार के लिए तरस रही हु , तुम्हारे प्यार के लिए. ऐसे लगता है जैसे साड़ी ज़िन्दगी भी तुम्हारा इंतज़ार किया तोह ही नहीं मिलोगे और ऐसे ही मई फिर एक बार ख़तम हो जाउंगी . मगर मई भूल गयी थी की प्यार सिर्फ देते है , उससे वापस नहीं मांगते. मैंने तुमसे प्यार वापस माँगा , येह मेरी भूल थी लेकिन क्या मई तुम्हारे दिन के कुछ पालो की भी हकदर नहीं हु ?
क्या आपको भी यही लगता है की मेरी छुपी , मेरा न होना ज़यादा अच है, मेरी हांसी की गूँज आपको भी बेहेरा कर देती है ?
जब दिल टूटता है न तोह उसके इतने तुक्रे होते है की उन्हें संभाला नहीं जाता , उसकी गूँज इतनी घेरी होती है की सुनने के लिए कान सलामत नहीं रहते .
काश मेरे जीवन मई आप न होते , मगर अज्ज आप हो तोह जाना मत्त . मई टूट रही हु, आपकी इस दुरी से. मुझे एक बार गले लगा कर कहो की साब ठीक है , की मई आकेली नहीं हु ...आप मेरे साथ हो ना ? या आज भी मई बेवकूफ हु ?
और आज भी अकेली हु ?
तुम सुन रहे हो?

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